विधानसभा : सेवाग्राम परियोजना पर तीखी बहस, अजय चंद्राकर की टिप्पणी पर भूपेश बघेल ने जताया विरोध

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को नवा रायपुर स्थित ‘सेवाग्राम’ परियोजना को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार नोकझोंक हुई। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर द्वारा परियोजना के खर्च को एक व्यक्ति विशेष की स्वेच्छाचारिता बताए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ा ऐतराज जताया, जिससे सदन में हंगामे के आसार बन गए।

परियोजना का लेखा-जोखा

प्रश्नकाल के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सेवाग्राम परियोजना की वित्तीय स्थिति स्पष्ट की:

  • उद्देश्य: महात्मा गांधी के आत्मनिर्भर ग्राम के विचार को साकार करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना।
  • बजट और खर्च: वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक 129 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इसमें से लगभग 104 करोड़ रुपये निर्माण कार्यों पर और करीब 3.72 करोड़ रुपये सामुदायिक रसोई व अन्य सुविधाओं पर खर्च हुए हैं।
  • वर्तमान स्थिति: मंत्री ने बताया कि निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, लेकिन इसके संचालन के लिए अभी तक कोई अलग प्रशासनिक ढांचा स्वीकृत नहीं है।

सदन में गर्माया माहौल

अजय चंद्राकर के बयान—कि करीब 200 करोड़ रुपये एक व्यक्ति की सनक (स्वेच्छाचारिता) के कारण खर्च किए गए—पर भूपेश बघेल ने अपनी नाराजगी जाहिर की। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। विवाद बढ़ता देख अजय चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने कहा, “यदि मेरी टिप्पणी से भूपेश बघेल की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं इसके लिए खेद व्यक्त करता हूं।”
चंद्राकर के खेद जताने के बाद सदन का माहौल शांत हुआ और कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ी।

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